गुप्तर गल्ली: काली रात्रियां का भेद
गुप्तर गल्ली शहर के दिल में दबी हुई एक अजीब जगह है। अंधेरी रातों में, यह गल्ली एक अलग रूप धारण कर लेती है। जर्जर मकानों की छायाएँ अजनबी कहानियाँ सुनाती हैं। राहगीर सुनाते हैं कि गुप्तर गल्ली में अनजाना सवेरे कभी देते हैं, और अनगिनत दस्ता खोए हुए लोगों की आत्माएँ यहाँ फिरती हैं। कई निवासी विश्वास